पेपर लीक को लेकर बीते दिनों हुए हंगामे के बाद संसद में सोमवार को एंटी पेपर लीक बिल पेश किया गया।
पेपर लीक को लेकर बीते दिनों हुए हंगामे के बाद संसद में सोमवार को एंटी पेपर लीक बिल पेश किया गया।
इस बिल को लेकर मंगलवार को चर्चा की जा रही है। चर्चा की शुरुआत लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने की। जितेंद्र सिंह ने ही लोकसभा में सोमवार को बिल भी पेश किया था। इस चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि यह पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024 में संशोधन के लिए लाया गया बिल है।
उन्होंने यूपीए की सरकार के दौरान हुए कई पेपर लीक का भी जिक्र किया। जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर वह पूरी लिस्ट बनाएंगे तो चर्चा नहीं कर पाएंगे। जितेंद्र सिंह ने कहा कि एनटीए का गठन भी इसी सरकार में 2017 में की गई थी, जिसके लिए पीएम मोदी और सरकार की तारीफ की जानी चाहिए। इससे पहले कई बार इसके लिए सिफारिश की गई थी, लेकिन इसे टाला जाता रहा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने UPA के समय हुए पेपर लीक की लिस्ट भी बताई।
जितेंद्र सिंह ने कहा, "2009- रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड; 2011- ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जामिनेशन; 2012- AIIMS नई दिल्ली एंट्रेंस पेपर लीक; 2013- महाराष्ट्र सेकेंडरी सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन। 2010- B.Ed. एंट्रेंस एग्जामिनेशन, उत्तर प्रदेश; 2012- तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमीशन। 2009- वेस्ट बंगाल जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम। अगर मैं इनकी लिस्ट बनाता रहा, तो बिल पर चर्चा नहीं कर पाऊंगा। इसलिए, इस सरकार को एक खास कानून की जरूरत महसूस हुई।
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(Credit: india tv)

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